बस यही सोच कर,
दिन गुजर जाता है शाम ढल जाती है
कि, तुम होते तो ये उदासी नही होती
बस यही सोच कर,
मोड़ छूट जाते हैं राह खत्म हो जाती है
कि, तुम होते तो ये खामोशी नही होती
बस यही सोच कर,
नींद मिट जाती है रात कट जाती है
कि, तुम होते तो ये तन्हाई नही होती
बस यही सोच कर,
मन भर आता है आँख भर जाती है
कि, तुम होते तो ये जुदाई नही होती
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