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देवी माँ की आरती

 तुम्ही हो दुर्गा तुम्ही हो काळी

तुम ही अष्टभुजाओं वाली

तुम ही माता भारती,है आरती

है आरती, है आरती.......... 


पड़ा कभी जब कष्ट से पाला

तुमने आ कर हमें सम्हाला

जब भी तुमको याद किया माँ

तुमसे जब फरियाद किया माँ

हो कष्ट सभी तुम टाराती, है आरती

है आरती, है आरती............


हिंगलाज में तुम्ही हो मइया

पालनहार और तुम्ही खेवइया

रक्तबीज को तुम्ही संहारा

भैरव को तुमने ही उबरा

तुम ही सबको सँवारती, है आरती

है आरती, है आरती........... 


पहली आरती मणिकर्णिका

दूसरी आरती विंध्याचल में

तिसरी आरती कड़े भवानी

चौथी आरती माँ जीवदानी

पाँचवी यहाँ पुकारती, है आरती

है आरती, है आरती..............


कहे ज्योति हे शैल भवानी

अरज सुनो दुर्गा महारानी

विपदा सबकी पल में हर लो

दया दृष्टि हम पर भी कर लो

मेरि आँखें राह निहारती, है आरती

है आरती, है आरती..........।।


ज्योति प्रकाश राय

भदोही, उत्तर प्रदेश

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होली 2020

आप सभी को रंगो और उमंगो से भरे त्यौहार , होली की ढेर सारी शुभकामनायें  होलिका दहन हुई, प्रह्लाद अग्नि बीच रहे ! भक्त वो मिटे कहाँ, प्रभू जिसे सींच रहे !! ध्रुव को तार-तार किया, किसी अहंकार ने ॐ हरी-हरी तब, लगे ध्रुव पुकारने प्याला हरी नाम पिये, बैठे धरा बीच रहे ! भक्त वो मिटे कहाँ, प्रभू जिसे सींच रहे !! विष्णु ज्ञान राग भरे, नभ में जगमगा रहे मय के अहंकार में, मनुष्य डगमगा रहे प्रगति सीधे हाँथ में, आड़े हाँथ खींच रहे ! भक्त वो मिटे कहाँ, प्रभू जिसे सींच रहे !! आओ सभी भस्म करें, अपने-अपने पाप को ज्योति प्रज्वलित करें, ज्योति से मिलाप को आज फिर प्रमाण मिला, सत्य सबके बीच रहे ! भक्त वो मिटे कहाँ, प्रभू जिसे सींच रहे !!  !! ज्योति प्रकाश राय !!

बिछड़े रास्ते

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