कुदरत ने एक पुस्तक दी है 365 पेज की, जो बराबर है हम सबके एज की !
इसके रचनाकार भी हम और आप होंगे, लिखेंगे वही जो पुण्य और पाप होंगे !!
वक़्त की तरह हर पेज खुद बदल जायेगा, जो गया वो फिर कब लौट पायेगा !
कोरे पन्नों पर जिंदगी की जागीर लिख दो, बड़ी सुन्दर हो ये 2019 की पुस्तक,
कर्म रूपी कलम से अपने पन की तस्वीर लिख दो !!
!! ज्योति प्रकाश राय !!
Nice
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