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Showing posts from December, 2019

भारत बंद

ऐलान करो भारत बंदी का,   मत ध्यान रखो प्रगति की मंदी का। जब-जब मन का गति मंद हुआ, तब-तब यह भारत बंद    क्या नेता यही पढ़ा करते,   या गठबंधन में गढ़ा करते।  कुछ तो करतब दिखलाना है, चलो भारत बंद कराना है। ऐ राजनीति से खेलने वालों, क्या परंपरा को भूल गये।  कुर्बान हुये जो वीर पुरुष, उस लहू, धरा को भूल गये।  मत अपमान करो भारत माँ का, यह देश नहीं इक नारी है।  सुत कुर्बान हुये जिनकी रक्षा में, उस माँ की महिमा प्यारी है।   ऐ सिंहासन के चाहने वालों, क्या मिलता है इस बंदी से।  यदि शिक्षित हो तो मत रोको, बढ़ते कदमो को डंडी से।  मानो कहना संत पुत्र का, यह देश नहीं मेरा घर है।  भारत माँ की जय गूंजेगा, हिन्द देश का प्रेम अमर है।  ।। ज्योति प्रकाश राय।।  https://youtu.be/F9B3J5bGXyo

अपना परिचय

मै जगह आपके दिल में बनाने आया हूँ ,                             महफिलों से कारवां सजाने आया हूँ।  बड़ी दूर का सफर था, मै आप लोगों से बे-खबर था  मीठे अल्फाज सुनने और सुनाने आया हूँ,                              महफिलों से कारवां सजाने आया हूँ।  जहाँ उद्योग कालीन का छाया है,                                यह शख्स जिला भदोहीं से आया है मै अपनी पहचान बताने आया हूँ,                                महफिलों से कारवां सजाने आया हूँ। यह संत पुत्र , आज मंच पर बोल रहा, दो टूक शब्द जो लिख पाया, उसमे खुद को तोल रहा, निखरेंगे शब्द पंक्तियों से, विश्वास दिलाने आया हूँ                             ...